Vastu Ke Anusar Ghar Ka Naksha (वास्तु के अनुसार घर का नक्शा): Har Kamre Ki Sahi Disha
Vastu ke anusar ghar ka naksha kaise banaye: main door, kitchen, bedroom, pooja, toilet aur staircase ki sahi disha, 16 zone ka map aur aam galtiyan.
Ar. Kavya Mandecha
Vastu Expert, B.Arch
Published 6 October 2026 · 8 min read · Reviewed by Ar. Sarmishtha Singh Chauhan
QUICK ANSWER
वास्तु के अनुसार घर का नक्शा बनाने में हर कमरे को उसकी दिशा में रखा जाता है। मुख्य दरवाजा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व में, रसोई दक्षिण-पूर्व में, master bedroom दक्षिण-पश्चिम में, पूजा घर उत्तर-पूर्व में, शौचालय उत्तर-पश्चिम या पश्चिम में और सीढ़ी दक्षिण या पश्चिम में। घर का बीच (ब्रह्मस्थान) खुला रखा जाता है। यह परंपरागत मार्गदर्शन है, जिसे हम आधुनिक plan के साथ मिला कर लागू करते हैं।
KEY TAKEAWAYS
- घर की आठ दिशाएं और बीच का ब्रह्मस्थान, यही वास्तु नक्शे का आधार है।
- रसोई दक्षिण-पूर्व, master bedroom दक्षिण-पश्चिम, पूजा उत्तर-पूर्व, यह तीन नियम सबसे पहले लगाएं।
- शौचालय और septic tank उत्तर-पूर्व में कभी न रखें, यह सबसे आम गलती है।
- दक्षिण-पश्चिम में भारी निर्माण और उत्तर-पूर्व में खुली जगह या हल्का निर्माण रखें।
- वास्तु परंपरागत मार्गदर्शन है, plot और budget के हिसाब से 80 प्रतिशत नियम आसानी से लग जाते हैं।
IN THIS GUIDE
वास्तु के अनुसार घर का नक्शा: मूल नियम
वास्तु के अनुसार घर का नक्शा बनाने का मतलब है हर कमरे को उसकी तय दिशा में रखना। यह काम plot पर compass रख कर शुरू होता है। plot का ठीक उत्तर कहां है, यह पता चलते ही आठ दिशाएं और घर का बीच का हिस्सा (ब्रह्मस्थान) तय हो जाते हैं।
हमारी वास्तु expert हर नक्शे में पहले तीन चीजें fix करती हैं: रसोई दक्षिण-पूर्व में, master bedroom दक्षिण-पश्चिम में और पूजा घर उत्तर-पूर्व में। बाकी कमरे इनके आसपास बैठते हैं। हम वास्तु को परंपरागत मार्गदर्शन मानते हैं, विज्ञान नहीं, पर हमारे ज्यादातर clients इसे चाहते हैं और अच्छे plan में यह बिना किसी समझौते के लग जाता है।
नक्शे की बाकी बातें, जैसे setback, कमरों का size और approval, हमारी घर का नक्शा कैसे बनाएं guide में हैं। यहां सिर्फ दिशा की बात करेंगे।
- उत्तर-पूर्व (ईशान): सबसे हल्का और खुला। पूजा, पानी, बैठक।
- दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य): सबसे भारी। master bedroom, store, ऊंची दीवार।
- दक्षिण-पूर्व (आग्नेय): आग। रसोई, बिजली का meter, inverter।
- उत्तर-पश्चिम (वायव्य): हवा। guest room, शौचालय, बच्चों का कमरा।
- बीच (ब्रह्मस्थान): खुला या हल्का। आंगन, hall, कोई भारी दीवार नहीं।
हर कमरे की सही दिशा: एक नजर में
नीचे दी table को print कर लें और अपने architect को दें। यही हमारे studio की checklist है।
| कमरा | सबसे अच्छी दिशा | चल सकती है | बचें |
|---|---|---|---|
| मुख्य दरवाजा | उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व | पश्चिम (कुछ नियमों से) | दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व |
| Living room / hall | उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व | पश्चिम | दक्षिण-पश्चिम |
| रसोई | दक्षिण-पूर्व | उत्तर-पश्चिम | उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम |
| Master bedroom | दक्षिण-पश्चिम | दक्षिण, पश्चिम | उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व |
| बच्चों का कमरा | पश्चिम, उत्तर-पश्चिम | उत्तर | दक्षिण-पश्चिम |
| Guest room | उत्तर-पश्चिम | पश्चिम | दक्षिण-पश्चिम |
| पूजा घर | उत्तर-पूर्व | पूर्व, उत्तर | दक्षिण, शौचालय के पास |
| शौचालय | उत्तर-पश्चिम, पश्चिम | दक्षिण | उत्तर-पूर्व, बीच, दक्षिण-पश्चिम |
| सीढ़ी | दक्षिण, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम | उत्तर-पश्चिम | उत्तर-पूर्व, बीच |
| Store | दक्षिण-पश्चिम | पश्चिम | उत्तर-पूर्व |
| पानी की टंकी (underground) | उत्तर-पूर्व, उत्तर | पूर्व | दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व |
| Overhead टंकी | दक्षिण-पश्चिम | पश्चिम | उत्तर-पूर्व |
| Parking | उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व | उत्तर | उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम |
अलग अलग ग्रंथ और परंपराओं में कुछ नियम थोड़े बदलते हैं। जहां दो मत हों, हम वह चुनते हैं जो plan और हवा-रोशनी के लिए भी ठीक हो। English में इसी विषय की detail guide vastu house plan complete guide में है।
मुख्य दरवाजा और plot की दिशा
plot जिस तरफ सड़क है, उसी तरफ मुख्य दरवाजा बनता है। इसलिए plot की दिशा से दरवाजे की दिशा तय होती है। उत्तर और पूर्व मुखी plot में दरवाजा उत्तर-पूर्व की तरफ वाले हिस्से में रखना सबसे अच्छा माना जाता है। दक्षिण और पश्चिम मुखी plot में भी वास्तु के अनुसार नक्शा बन सकता है, बस दरवाजे की सही जगह चुननी पड़ती है।
- पूर्व मुखी: दरवाजा पूर्व की दीवार के उत्तर वाले आधे हिस्से में।
- उत्तर मुखी: दरवाजा उत्तर की दीवार के पूर्व वाले आधे हिस्से में।
- पश्चिम मुखी: दरवाजा पश्चिम की दीवार के उत्तर वाले हिस्से में, दक्षिण-पश्चिम कोने से दूर।
- दक्षिण मुखी: दरवाजा दक्षिण की दीवार के पूर्व वाले हिस्से में, दक्षिण-पश्चिम कोने से दूर।
हर दिशा के plot का पूरा नक्शा हमने अलग posts में बनाया है। पूर्व मुखी घर का वास्तु नक्शा और उत्तर मुखी घर का वास्तु नक्शा सबसे ज्यादा पढ़े जाते हैं। दिशा के हिसाब से ready plan हमारे east facing house plans section में भी हैं।
FROM THE STUDIO
compass का reading plot के बीच में खड़े हो कर लें, boundary wall या गाड़ी के पास नहीं। लोहे की चीजें compass को 10 से 15 degree तक गलत दिखा देती हैं। हम site visit में तीन जगह reading लेकर औसत निकालते हैं।
रसोई, bedroom और पूजा घर: तीन सबसे जरूरी नियम
रसोई दक्षिण-पूर्व में
रसोई का platform ऐसा रखें कि बनाने वाले का मुख पूर्व की तरफ हो। sink और चूल्हा एक ही platform पर पर कम से कम 2 फीट दूर रखें। रसोई का दरवाजा उत्तर या पूर्व से खुले। अगर दक्षिण-पूर्व में रसोई नहीं बन पा रही तो उत्तर-पश्चिम दूसरा विकल्प है।
Master bedroom दक्षिण-पश्चिम में
घर के मुखिया का कमरा दक्षिण-पश्चिम कोने में रखा जाता है। bed इस तरह रखें कि सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व की तरफ हो। almirah और भारी सामान कमरे की दक्षिण या पश्चिम दीवार पर। duplex में master bedroom ऊपर के floor पर दक्षिण-पश्चिम में भी ठीक है।
पूजा घर उत्तर-पूर्व में
छोटे घर में पूरा कमरा न हो तो hall के उत्तर-पूर्व कोने में 3x3 फीट का मंदिर बनाएं। पूजा घर शौचालय की दीवार से न लगा हो और उसके ऊपर या नीचे शौचालय न हो। मूर्ति का मुख पश्चिम और पूजा करने वाले का पूर्व की तरफ रखना परंपरा में अच्छा बताया गया है।
शौचालय, सीढ़ी और पानी की जगह
यहीं सबसे ज्यादा गलतियां होती हैं क्योंकि plumbing और structure इन्हें खींचते हैं। हमारी architecture team हर नक्शे में इन तीनों को पहले फिट करती है, फिर कमरे।
- शौचालय उत्तर-पश्चिम या पश्चिम में। attached शौचालय bedroom के उत्तर-पश्चिम या पश्चिम हिस्से में।
- शौचालय कभी उत्तर-पूर्व, घर के बीच या पूजा घर के ऊपर न बनाएं।
- septic tank उत्तर-पश्चिम या पश्चिम में, उत्तर-पूर्व में कभी नहीं।
- underground पानी की टंकी या bore उत्तर-पूर्व या उत्तर में।
- overhead टंकी दक्षिण-पश्चिम में, क्योंकि वहां भारी वजन अच्छा माना जाता है।
- सीढ़ी दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम में, घूमते समय clockwise चढ़े।
गांव के खुले plot में यह सब आसानी से लग जाता है। वहां कुआं, पशु शेड और आंगन की दिशा भी जुड़ती है, जो गांव के घर के नक्शे वाली post में बताई है।
छोटे plot पर वास्तु: कितना संभव है
20x40 या 25x50 के छोटे plot पर 100 प्रतिशत वास्तु मुश्किल है। पर 80 प्रतिशत नियम हर plot पर लग सकते हैं। हम priority तय करते हैं।
- पहली priority: रसोई, master bedroom और शौचालय की दिशा। यह तीन ठीक हों तो बाकी compromise छोटा है।
- दूसरी: मुख्य दरवाजे की जगह और पूजा घर।
- तीसरी: सीढ़ी, टंकी और parking।
- चौथी: खिड़कियों की दिशा और furniture की जगह, जो बाद में भी बदल सकती है।
जहां कोई नियम नहीं लग पाता, वहां परंपरा में रंग, पौधे और हल्के बदलाव के उपाय बताए गए हैं। हम इन्हें option के रूप में बताते हैं, जबरदस्ती नहीं। ready वास्तु plans हमारे vastu house plans section में हैं।
FROM THE STUDIO
वास्तु के नाम पर हवा और रोशनी का त्याग न करें। उत्तर-पूर्व में बड़ी खिड़कियां रखना वास्तु और ventilation दोनों के लिए सही है। हम ऐसा plan नहीं बनाते जो वास्तु में सही पर रहने में खराब हो।
अगला कदम: अपने plot का वास्तु नक्शा बनवाएं
हमारी vastu consultation service में वास्तु expert और architect साथ बैठ कर नक्शा बनाते हैं, ताकि दिशा और design दोनों सही रहें। plot का नाप, दिशा और सड़क की जगह +91 73165 33888 पर भेजें। पहली सलाह free है।
WRITTEN BY
Ar. Kavya Mandecha
Vastu Expert · B.Arch · House Design India
Kavya is an architect and Vastu consultant. She has reviewed over 2,000 house plans for Vastu placement and specialises in solving Vastu on awkward plots without sacrificing light or layout.
Reviewed by Ar. Sarmishtha Singh Chauhan, Senior Architecture Consultant.
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Frequently asked questions
वास्तु के अनुसार रसोई किस दिशा में होनी चाहिए?
वास्तु में रसोई के लिए दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) कोना सबसे अच्छा माना जाता है। बनाने वाले का मुख पूर्व की तरफ हो। अगर यह संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम दूसरा विकल्प है। रसोई उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम में बनाने से बचें। sink और चूल्हा एक platform पर पर 2 फीट दूर रखें।
घर का मुख्य दरवाजा किस दिशा में होना चाहिए?
उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व की तरफ मुख्य दरवाजा सबसे अच्छा माना जाता है। पश्चिम और दक्षिण मुखी plot में भी वास्तु नक्शा बन सकता है, बस दरवाजा दक्षिण-पश्चिम कोने से दूर, दीवार के उत्तर या पूर्व वाले हिस्से में रखें। दरवाजा घर का सबसे बड़ा दरवाजा हो और अंदर की तरफ clockwise खुले।
क्या छोटे plot पर पूरा वास्तु नक्शा बन सकता है?
20x40 जैसे छोटे plot पर 100 प्रतिशत मुश्किल है, पर 80 प्रतिशत नियम लग जाते हैं। priority रखें: पहले रसोई, master bedroom और शौचालय की दिशा, फिर मुख्य दरवाजा और पूजा घर, फिर सीढ़ी और टंकी। जो नियम न लग पाए उसके लिए परंपरा में रंग और हल्के बदलाव के उपाय हैं।
वास्तु में शौचालय कहां नहीं होना चाहिए?
शौचालय उत्तर-पूर्व कोने, घर के बीच (ब्रह्मस्थान), पूजा घर के ऊपर या बगल में और रसोई से सटा हुआ नहीं होना चाहिए। सबसे अच्छी जगह उत्तर-पश्चिम या पश्चिम है। septic tank भी उत्तर-पूर्व में नहीं बनाना चाहिए। attached शौचालय bedroom के उत्तर-पश्चिम या पश्चिम हिस्से में रखें।
वास्तु नक्शा बनवाने में कितना खर्च आता है?
2026 में वास्तु के अनुसार 2D नक्शा Rs 8,000 से 25,000 में बन जाता है, size के हिसाब से। इसमें वास्तु expert और architect दोनों की सलाह शामिल रहती है। सिर्फ पहले से बने नक्शे की वास्तु जांच Rs 3,000 से 8,000 में हो जाती है। 3D elevation और working drawing अलग से जुड़ते हैं।
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